• समय से कई जरूरी सवाल और जिरह करतीं 5 किताबें

    समय से कई जरूरी सवाल और जिरह करतीं 5 किताबें0

    तीन दशक तक हिंदी पत्रकारिता, साहित्य-सृजन के साथ ही श्रमिक आंदोलनों में भी समान रूप से सक्रिय रहे जयप्रकाश त्रिपाठी के कविता-संग्रह ‘ईश्वर तुम नहीं हो’, ‘तुक-बेतुक’, ‘जग के सब दुखियारे रस्ते मेरे हैं’ एवं पत्रकारिता पर ‘मीडिया हूं मैं’ (‘बाबू विष्णुराव पराड़कर पुरस्कार’ से सम्मानित) और ‘क्लास रिपोर्टर’ के बाद, हाल ही में पांच

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